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रायपुर, 14 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। शासकीय योजनाएं अब केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का माध्यम बन रही हैं। इसका उदाहरण रायगढ़ के विनोबानगर निवासी ज्योत्सना पटेल हैं, जिन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनने का सफर तय किया है।

 ज्योत्सना पटेल, पति राजाराम पटेल, पहले घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं। परिवार की आय सीमित थी, लेकिन आगे बढ़ने की चाह और मेहनत का जज़्बा उनके भीतर हमेशा मौजूद था। वर्ष 2024-25 में उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 70 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग ने उनके सपनों को नई दिशा दी। नवंबर 2024 में उन्होंने दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदीं, जो प्रतिदिन लगभग 20 लीटर दूध देती थीं। दूध विक्रय से उन्हें प्रतिदिन करीब 800 रुपये और प्रतिमाह लगभग 24 हजार रुपये की शुद्ध आय होने लगी।

शुरुआती सफलता से उत्साहित होकर ज्योत्सना ने अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार किया। आज उनके पास 14 दुधारू गायें और 6 बछियां हैं। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं, जिससे उन्हें 3 से 4 हजार रुपये प्रतिदिन की आमदनी हो रही है। इस आर्थिक सशक्तता के चलते जुलाई 2025 में उन्होंने सवा लाख रुपये की ई-बाइक भी खरीदी, जिससे उनके व्यवसाय के संचालन में सुविधा बढ़ी है।

पशुपालन विभाग द्वारा समय-समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, डिवर्मिंग और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से उनका डेयरी व्यवसाय लाभदायी बन गया है। ज्योत्सना पटेल की सफलता क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके आत्मविश्वास और परिश्रम को देखकर अनेक महिलाएं डेयरी उद्यम की ओर कदम बढ़ा रही हैं। 












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