नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा शहरी विकास और आवास विभाग के स्तर पर लागू किए गए विभिन्न सुधारों को एक बार फिर केंद्र सरकार की सराहना मिली है। केंद्र ने इन सुधारों के लिए उत्तराखंड को 264.5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने राज्यों को शहरी विकास और आवास विभाग से जुड़े नीतिगत सुधार लागू करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं सुधारों के तहत मंत्रालय ने ‘स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2025-26’ योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को कुल 264.5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है।
स्वीकृत राशि में शहरी विकास विभाग को जीआईएस आधारित यूटिलिटी मैपिंग (सीवर, पेयजल और ड्रेनेज कार्य) के लिए 3 करोड़ रुपए, सरकारी जमीनों और भवनों की मैपिंग के लिए 6.5 करोड़ रुपए और नगर निकायों के स्तर पर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि शामिल है।
मंत्रालय ने सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि आवास विभाग के अंतर्गत लागू किए गए सुधारों के लिए स्वीकृत की है। अर्बन लैंड एंड प्लानिंग रिफॉर्म के तहत उत्तराखंड आवास विभाग द्वारा टाउन प्लानिंग स्कीम और लैंड पूलिंग स्कीम के नियम लागू किए गए थे, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा पुराने शहरी क्षेत्रों के पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए 140 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, बिल्डिंग बायलॉज में ग्रीन बिल्डिंग मानकों को लागू करने के लिए 5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मंजूर की गई है।
सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास विभाग राज्य के प्रत्येक नागरिक को किफायती आवास उपलब्ध कराने और उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ प्रतिबद्धता से काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों को पूरी निष्ठा के साथ लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास और शहरी विकास विभाग में किए गए सुधारों के लिए 264.5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है, जबकि इससे पहले खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए भी राज्य को 200 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज गुड गवर्नेंस के एक आदर्श मॉडल के रूप में देशभर में सामने आया है और आने वाले समय में राज्य विकास के नए मानक स्थापित करेगा।
