रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से पेट पालने की खातिर इंदौर गए एक गरीब मजदूर की वहां अज्ञात कारणों या विवाद के चलते बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक मजदूर अपने पीछे पत्नी और छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इंदौर जैसे अनजान शहर में पति को खोने के बाद पत्नी पूरी तरह बेसहारा हो गई और न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर थी।
पीड़ित महिला ने हार न मानते हुए अपनी व्यथा को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का प्रयास किया। महिला का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह न्याय और बच्चों के भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से मदद की गुहार लगा रही थी। जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। महिला ने सीधे मुख्यमंत्री से अपील की थी कि इंदौर पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करे और छत्तीसगढ़ सरकार उनके परिवार की आर्थिक सहायता करे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और इंदौर पुलिस से समन्वय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सक्ती जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से जो भी सरकारी सहायता संभव हो, वह प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद सक्ती जिले के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया है। वहीं इंदौर पुलिस पर भी अब दबाव है कि वह हत्या की गुत्थी को सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजे। यह घटना प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। राज्य सरकार अब मृतक के शव को सम्मानजनक तरीके से वापस लाने और परिवार के पुनर्वास के लिए कदम उठा रही है।
